अपनी यादों की खुसबू

अपनी यादों की खुसबू भी हमसे छीन लेंगे क्या,
किताब-ए-दिल में अब ये सूखा गुलाब तो रहने दो।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

© 2019 Shayari Guru - Powered by PixelWebMedia