नहीं है कुछ भी

नहीं है कुछ भी मेरे दिल में सिवा उसके,
मैं उसे अगर भुला दूँ तो याद क्या रखूँ।

सारी खिड़कियां दरवाजे

सारी खिड़कियां दरवाजे बंद कर लेता हूं,
फिर भी न जाने कहां से आ जाती हैं तुम्हारी यादें!

कुछ गैर ऐसे मिले जो

कुछ गैर ऐसे मिले जो मुझे अपना बना गए
कुछ अपने ऐसे निकले जो गैर का मतलब बता गए
दोनो का शुक्रिया दोनों जिंदगी जिना सीखा गए

अगर आए तुम्हे हिचकियाँ,

अगर आए तुम्हे हिचकियाँ,
तो माफ़ करना मुझे,
क्योंकि इस दिल को आदत है,
तुम्हे याद करने की…

अपनी यादों की खुसबू

अपनी यादों की खुसबू भी हमसे छीन लेंगे क्या,
किताब-ए-दिल में अब ये सूखा गुलाब तो रहने दो।

उन लम्हों की याद है

उन लम्हों की याद है जरा संभाल के
रखना, जो हमने साथ बिताए थे
क्योंकि
हम याद तो आएंगे मगर लौट कर नहीं!

सिखा दिया दुनिया ने

सिखा दिया दुनिया ने मुझे अपनो पर भी शक करना
मेरी फितरत में तो गैरों पर भी भरोसा करना था! 😔

बिन बात के ही

बिन बात के ही रूठने की आदत है,
किसी अपने का साथ पाने की चाहत है,
आप खुश रहें.. मेरा क्या है..
मैं तो आइना हूँ, मुझे तो टूटने की आदत है! 💔

ये तो ज़मीन की फितरत है

ये तो ज़मीन की फितरत है की,
वो हर चीज़ को मिटा देती हे वरना,
तेरी याद में गिरने वाले आंसुओं का,
अलग समंदर होता।

कभी फुर्सत मिले तो इतना

कभी फुर्सत मिले तो इतना जरुर बताना,
वो कौन सी मोहब्बत थी जो हम तुम्हें दे ना सके।

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