100+ Karma Quotes in Hindi | कर्म पर सुविचार

कर्म (Karma) कारण और प्रभाव का नियम है। कर्म एक क्रिया है (karma=action), चाहे वह शारीरिक हो या मानसिक, व्यक्तिगत हो या किसी समूह द्वारा किया गया हो; और प्रत्येक क्रिया का एक परिणाम होता है। प्रकृति के नियमों के अनुसार, मानव को अपने सभी किये गये गलत कार्यों के लिए भुगतान करना पड़ता है। इसे ही Law of Karma कहा गया है। हमने आपके लिए Karma Quotes in Hindi इकट्ठे किये हैं।

Law of Karma : कर्म का सिद्धांत –

जब हम अपने विचारों, शब्दों या कार्य में एक नकारात्मक शक्ति प्रदर्शित करते हैं, तो वह नकारात्मक ऊर्जा हमारे पास वापस आ जाएगी।

जैसे कि न्यूटन बाबा ने कहा है – “For every action there is an equal but opposite reaction.” – Newton’s Law of Motion

कर्म का अर्थ दंड देना नहीं है। यह शिक्षा के लिए मौजूद है। गलत काम को गलत समझे बिना एक अच्छा आदमी कैसे बना जा सकता है? एक व्यक्ति केवल दुखी ही होता है अगर उन्होंने दुख के लिए परिस्थितियां बनाई हैं। कर्म (Karma) एक जीवन शैली है जो सकारात्मक सोच और कार्यों को बढ़ावा देती है।

कर्म ही मनुष्य के जीवन को पवित्र
और अहिंसक बनाता है।

प्रत्येक कर्म बीज के समान होता है
और जैसा आप बीज बोएंगे वैसा ही फल पाएंगे।

इंसान भाग्यशाली नहीं होता कभी भी जन्म से,
उसका भाग्य बनता है कर्म से।

मुसीबतें चाहे जितनी मर्ज़ी हो हर कदम पर
तू घबरा कर मत बैठ तू बस अपना कर्म कर।

गर्व मत कर अपने धन पर,
अगर कमाई तेरी कुकर्म की है।

सफल होना चाहते हो तो फल की नहीं
अपने कर्म की चिंता करनी होगी।

भगवान् भी उन्ही का साथ देता है,
जिनके साथ उनके अच्छे कर्म होते हैं।

भगवान् ने हाथ किसी को लकीरें दिखाने के लिए नहीं बल्कि,
अपनी मेहनत का जलवा दिखाने के लिए दिए हैं।

जीवन ख़त्म होने के पश्चात आपका
धर्म क्या है ईश्वर नहीं देखेगा,
ईश्वर बस आपके कर्म देखेगा।

श्रम कीजिए क्रम अनुसार एवं
फल पाइए कर्म अनुसार।

अपना धर्म निभाने से ज्यादा ज़रूरी
अपने कर्मों को निभाना है।

व्यक्ति की सफलता का कारण
उसका भाग्य नहीं अपितु उसके कर्म होते हैं।

भाग्य आपको मुसीबत से नहीं निकालता
ऐसा करने का साहस केवल आपके कर्मों के पास है।

जीवन का फल कर्मानुसार मिलता है
धर्मानुसार नहीं।

अपने कर्म अच्छे रखना
इस सम्पूर्ण सृष्टि का सबसे बड़ा धर्म है।

जो कर्मठ होता है कर्म से,
उसे आज नहीं तो कल सफलता मिल ही जाती है।

उच्च विचारों से ऊँचे कर्म होते हैं,
और ऊँचे कर्मों से सर्वोच्च सफलता मिलती है।

फल प्राप्ति के लिए केवल सब्र करना आवशयक नहीं है,
अपितु कर्म करना भी आवश्यक है।

दान धर्म करना इस पूरी दुनिया का
सबसे बड़ा कर्म है।

कर्म का सारा दारोमदार अपने कन्धों पर रखो,
और फल का सारा दारोमदार ऊपर वाले पर छोड़ दो।

आपका भाग्य आपका भविष्य बताता है,
परन्तु आपका कर्म आपका भविष्य बनाता है।

आपकी हाथों की रेखाएं आपको वहां तक भेजेगी जहाँ तक उसे जाना है,
परन्तु आपके कर्म आपको वहां तक ले जाएंगे जहाँ आपको जाना है।

अपने भाग्य को भगवान् मत समझिए,
आपका कर्म ही आपकी पूजा है।

व्यक्ति कितना खूबसूरत है यह उसका चेहरा नहीं,
अपितु उसके कर्म बताते हैं।

कर्म जो किसी के भलाई के लिए किये जा रहे हो,
उनका परिणाम कभी भी बुरा नहीं हो सकता।

जो व्यक्ति अच्छे कर्म करने में सक्षम है,
वह हर विकट परिस्तिथि को पार कर जाएगा।

अच्छे कर्मों के फल का बीज देरी से फल को उगाते है,
परन्तु उनका फल अत्यंत पका हुआ एवं मीठा होता है।

इंसान वही श्रेष्ठ है जो बुरी परिस्तिथियों में फिसले नहीं
एवं अच्छी परिस्तिथियों में उछले नहीं।

जब तक जीवन चल रहा है
अच्छे कर्म करते चलिए।

अच्छे कर्मों का मार्ग सीधा
स्वर्ग से जा कर मिलता है।

किस्मत से मिली सफलता तभी तक चलती है
जब तक किस्मत चलती है परन्तु
कर्म से मिली सफलता कभी ख़त्म नहीं होती है।

अच्छे कर्मों का पालन सख्ती से कीजिए,
और अपना स्वभाव हमेशा नरम रखिए।

आप एक बड़े पद पर पहुंच कर विश्व की नज़रों में ऊपर उठ सकते हैं,
परन्तु ईश्वर की नज़रों में ऊँचा वही है जिसके कर्म अच्छे हों।

कदम खुद ब खुद पहुँच जाएंगे सफलता के चरम पर,
अगर हर व्यक्ति बस ध्यान दे अपने कर्म पर।

कर्म और कर्त्तव्य कभी भी अधूरा नहीं छोड़ना चाहिए
उसे पूरा करना चाहिए।

सफल होना है तो ना परिस्तिथि पर ध्यान दे और ना फल पर,
ध्यान दे तू बस अपने कर्म पर ध्यान दे।

हर व्यक्ति के खासियत उसके गुण और विचार होते हैं,
जो सभी को याद रह जाते हैं चेहरा कुछ दिन ना मिलें
तो सब भूल जाते हैं।

किसी भी कौशल को कंठस्थ करने का सर्वप्रथम उपाय है,
आप स्वयं को कर्मनिष्ठ कर लीजिए।

सही कर्म वह नहीं है जिसके परिणाम हमेशा सही हो,
अपितु वह है जिसका उद्देश्य कभी गलत न हो।

मानव का सबसे बड़ा कर्म एवं धर्म मानवता है,
जो उसे किसी भी हाल में नहीं त्यागनी चाहिए।

दुनिया में प्रेम से बड़ा कोई धर्म नही
और दूसरों की भलाई से बड़ा कोई कर्म नही।

कर्म करने की हिम्मत और सुधार करने की नियत
हो तो इंसान बहुत कुछ कर सकता है।

गुणो और कर्मों से मिली सफलता
ही सच्ची सफलता होती है।

इंसान सब कुछ कापी कर सकता है
लेकिन क़िस्मत और नसीब नही।

तूफ़ान जीवन में सिर्फ़ अस्त–व्यस्त करने नही आते,
कुछ आपकी मंज़िलो के रास्ते साफ़ करने भी आते है।

बदला लेने के लिए समय बर्बाद मत करो।
आपको चोट पहुँचाने वाले लोग अंततः
अपने कर्म का सामना करेंगे।

टूटा हुआ विश्वास और छूटा हुआ बचपन,
ज़िंदगी में दुबारा वापस नही मिलता।दूसरा मौक़ा,
सिर्फ़ कहानियाँ देती है ज़िंदगी नही।

जो व्यक्ति छोटे-छोटे कर्मो को भी ईमानदारी से करता है,
वही बड़े कर्मो को भी ईमानदारी से कर सकता है।

कर्म वह आइना है, जो हमारा स्वरूप हमे दिखा देता है।
अतः हमे कर्म का अहसानमंद होना चाहिए।

क़िस्मत भी उनका साथ देती है
जिनके कर्म मज़बूत होते है।

कर्म वो आइना है
जो हमारा असली चेहरा हमें दिखा देता है।

हर व्यक्ति को उसके कर्म करने की पूरी आज़ादी है
लेकिन कर्म के परिणामों में चुनाव, उसके हाथ में नही।

अच्छे कर्म और अच्छी बातें एक दिन
आपके पास ज़रूर वापिस आती है।

हर किसी को कर्म भोगना पड़ता है
अच्छा या बुरा कर्म की पहचान समय ख़ुद देता है।

शब्दों को जानना और पहचानना काफ़ी नही,
उनका सही इस्तेमाल कर्म का सिद्धांत है।

इंसानियत दिल में होती है हैसियत में नही,
ऊपरवाला कर्म देखता है वसीयत नही।

ईश्वर ना दंड देता है ना माफ़ करता है,
कर्म का फल हमारे सुख दुःख का कारण बनता है।

ज़्यादा समझदार और मूर्ख में कोई फ़र्क़ नही होता,
ये दोनो किसी की नही सुनते।

अगर मनचाही बात हो जाए तो अच्छा है,
ना हो तो और अच्छा है, ईश्वर वही काम पूरा करता है
जो हमारे लिए सही है।

ईमानदार रहें, कर्म की तरह,
यह अंततः आपके पास वापस आ जाएगा।

दूसरों के प्रति दयालु बनें
भले ही वे आपके लिए न हों।

प्यार फैलाते रहें,
भले ही आपको कोई वापस प्यार न दे।

मददगार बनें,
भले ही आपकी मदद करने वाला कोई न हो।

जब कर्म आपको चेहरे पर थप्पड़ मारने के लिए वापस आता है,
तो मैं वहां जाना चाहता हूं। बस इसलिए कि उसे मदद की जरूरत हो।

बदला कभी भी कुछ भी हल नहीं करेगा
लेकिन कर्म करेगा।

भाग्य से, संयोग से कुछ नहीं होता।
आप अपने कर्मों से अपना भाग्य खुद बनाते हैं।
वह कर्म है।

जो जाता है वह
वापस आता भी है।

कर्म का कोई मेनू नहीं है।
आपको वह मिलता है जिसके आप हकदार हैं।

जब आप कुछ बुरा करते हैं,
तो यह बाद में आपके पास आता है।

कार्रवाई और प्रतिक्रिया: जैसा कि आप बोते हैं,
वैसा ही आप काटेंगे।

भाग्य हमारे कर्म पर निर्भर करता है।
हर कोई अपने भाग्य के लिए जिम्मेदार है!

किसी दिन लोग मुझसे पूछेंगे कि मेरी सफलता की कुंजी क्या है,
और मैं बस कहूंगा, “अच्छा कर्म”।

कर्म, अगर सीधे शब्दों में कहें,
एक क्रिया है : अच्छा या बुरा।

अच्छे काम बुरे लोग नहीं कर सकते।

आप सभी से छुपा सकते हैं।
लेकिन फिर भी, कर्म आपको देख रहा है।

कर्म अपनी सम्पूर्ण आत्मा से कीजिए,
आपको परमात्मा के दर्शन हो जाएंगे।

जो भी कर्म कीजिए सम्पूर्ण आत्म-विशवास के साथ कीजिए,
अन्यथा उस कर्म को मत कीजिए।

कर्म किस्मत से अत्यधिक बलशाली है,
क्यूंकि इसकी बागडोर आपके स्वयं के हाथ में होती है।

कर्म से कष्ट होगा परन्तु केवल इसी से
आपकी सफलता का मार्ग स्पष्ट होगा।

असंभव कार्य तभी तक असंभव है
जब तक आप उसे संभव करने का प्रयास प्रारम्भ नहीं कर देते हैं।

कुछ नहीं पा सकते तुम शर्म कर,
पर सब कुछ पा सकते हो तुम कर्म कर।

जीवन में ऐसा काम करो कि परिवार,
गुरु और परमात्मा तीनों तुमसे खुश रहें।

जो अपने योग्य कर्म में जी जान से लगा रहता है,
वही संसार में प्रशंसा का पात्र होता है।

काम की अधिकता नहीं,
अनियमितता आदमी को मार डालती है।

महान कार्य शक्ति से नहीं,
अपितु उधम से सम्पन्न होते हैं।

मनुष्य जन्म से नहीं बल्कि
कर्म से शूद्र या ब्राह्मण होता है।

ईमानदारी और बुद्धिमानी के साथ किया हुआ काम
कभी व्यर्थ नहीं जाता।