मेरे कलम से लफ्ज खो गए

मेरे कलम से लफ्ज खो गए सायद
आज वो भी बेवफा हो गाए सायद
जब नींद खुली तो पलकों में पानी था
मेरे ख्वाब मुझपे रो गाए सायद

हम आज भी अपने हुनर

हम आज भी अपने हुनर मे दम रखते है,
छा जाते हैं रंग, जब हम महफिल मे कदम रखते है

संघर्ष में आदमी अकेला

संघर्ष में आदमी अकेला होता है,
सफलता में दुनिया उसके साथ होती है,
जिस-जिस पर ये जग हँसा है,
उसीने इतिहास रचा है

उठती नहीं है आँख किसी और की तरफ

उठती नहीं है आँख किसी और की तरफ,
पाबन्द कर गयी है किसी की नजर मुझे,
ईमान की तो ये है कि ईमान अब कहाँ,
काफ़िर बना गई तेरी काफ़िर-नज़र मुझे।

Khamoshiyan Wahi Rahi Ta-Umra Darmiyaan

खामोशियाँ वही रही ता-उम्र दरमियाँ,
बस वक़्त के सितम और हसीन होते गए।

Very Sad Shayari, Zamane Ki Thhokarein

जिसके नसीब मे हों ज़माने की ठोकरें,
उस बदनसीब से ना सहारों की बात कर।

Romantic Shayari, Chahat Ki Inteha Hai Woh

दिल की धड़कन और मेरी सदा है तू,
मेरी पहली और आखिरी वफ़ा है तू,
चाहा है तुझे चाहत से भी बढ़ कर,
मेरी चाहत और चाहत की इंतिहा है तू।

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